
लक्ष्य न्यूज़ रायगढ़ 1 जून। नगर निगम द्वारा प्रस्तावित केनाल लिंक रोड मामले पर कांग्रेस द्वारा गठित जांच समिति, और कांग्रेस का शिष्टमंडल जोगीडीपा, फौजदार,इंदिरानगर पहुंच कर केनाल लिंक रोड स्थल का निरीक्षण किया गया वहां नगर निगम के कार्यपालन अभियंता और उनकी टीम भी उपस्थित रही, स्थल निरीक्षण के दौरान प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने पर पता चला कि नगर निगम द्वारा प्रस्तावित केनाल लिंक रोड निर्माण से प्रभावित हो रहे लगभग 30 – 35 मकानों के बाशिंदों को बेदखली का नोटिस जारी किया गया है जो वहां 50 से भी अधिक वर्षों से निवासरत हैं। प्रभावित परिवारों के बेदखली के बाद उनके पुनर्वास व व्यवस्थापन की क्या योजना बनाई गई है इसका कोई स्पष्ट उल्लेख नोटिस में नहीं है।
केनाल लिंक रोड के प्रस्ताव को जब निगम परिषद के बैठक में लाया गया था तब सिर्फ केनाल लिंक रोड की लागत राशि की स्वीकृति को पारित कराया था रोड का नक्शा और विस्तृत जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई थी प्रस्तावित स्थल पर 12 मीटर चौड़ी सड़क बनाकर भी उपयोग में लिया जा सकता है परन्तु 18 मीटर चौड़ी रोड जबरन बनाया जाना और किसी भी प्रकार की जानकारी खुलकर नहीं बताया जाना, शहर की जनता को अंधेरे में रखकर और प्रभावित परिवारों को विश्वास में लिये बगैर निर्माण कार्य को अंजाम देने में नगर निगम आतुर है , कांग्रेस की जांच समिति को यह भी पता चला है कि केनाल लिंक रोड के दायरे में दो पुल निर्माण भी किया जाना है पर इसकी जानकारी को भी निगम छिपा रहा है, आने वाले समय में पुल निर्माण के लिए भी और लोगों को बेदखली नोटिस जारी किया जा सकता है। सभी तथ्यों को देखने में यही लग रहा है शहर की जनता को अंधेरे में रखकर विकास के नाम पर भ्रमित किया जा रहा है और इससे पर्दे के पीछे किसी बड़े खेल होने का अंदेशा जाहिर हो रहा है ।
भले ही सरकार में बैठे लोग शहर के यातायात दवाब को कम करने का बहाना बनाकर केनाल लिंक रोड निर्माण प्रस्तावित किया है मगर सोचने वाली बात ये है कि जिन्हें शहर के बीचो-बीच मार्केट करना है वो केनाल लिंक रोड का उपयोग क्यों करेंगे? सरकार में बैठे लोग कांग्रेस पर विकास विरोधी या विकास कार्य में राजनीति करने का आरोप लगाते रहें पर वास्तविकता तो यही है कि सरकार में बैठे लोग अपने खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए ही खास लोगों के मनमुताबिक केनाल लिंक रोड का निर्माण कराया जा रहा है , इससे सत्ता में बैठे लोगों की मंशा साफ नजर आ रही है विकास के नाम पर व्यापारीकरण ही इनका उद्देश्य है।
केनाल लिंक रोड का निर्माण जिस जगह पर प्रस्तावित किया गया है उसके ठीक बगल में नाला है और नाला के समानांतर केनाल लिंक रोड के लिए पर्याप्त जगह है , नाला के समानांतर केनाल लिंक रोड बनने से नाम मात्र के तोड़फोड़ करने पड़ते और कुछ ही लोगों के मकानों की आंशिक क्षति होती , पर वर्तमान में प्रस्तावित स्थल बहुतों परिवारों के घर उजड़ने की स्थिति को बयां कर रही है। जब पर्याप्त जमीन होने के बावजूद उसपर केनाल लिंक रोड निर्माण नहीं कर दूसरे जमीन पर निर्माण करना संदेह उत्पन्न कर रहा है।
केनाल लिंक रोड प्रस्तावित क्षेत्र में पहले से मौजूद कोलोनाईजर और बाद में विकसित होने वाले कोलोनाईजर को सड़क सुविधा प्रदान करने के कुनियोजित दृष्टिकोण से ही केनाल लिंक रोड निर्माण का अंदेशा हो रहा है।
कांग्रेस विकास कार्य का समर्थन करती है पर गरीबों के आशियाना उजाड़कर अमीरों को लाभ पहुंचाने वाली विकास कार्य का हमेशा विरोध करेगी।
कांग्रेस हमेशा न्यायोचित विकास का समर्थन करती है।
उक्त केनाल लिंक रोड स्थल निरीक्षण में कांग्रेस की ओर से मुख्य रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव ,पूर्व अध्यक्ष अनिल शुक्ला, वरिष्ठ कांग्रेसी संतोष राय,हरेराम तिवारी,अरुण गुप्ता, नेताप्रतिपक्ष शेख सलीम नियारिया,नरेश जायसवाल,संजय देवांगन,संदीप अग्रवाल,विकास ठेठवार,वसीम खान,राकेश पांडेय, आशीष शर्मा,विकास शर्मा, मनमोहन गुप्ता,सत्यप्रकाश शर्मा,आरिफ हुसैन,अनुराग गुप्ता,जानकी काटजू,बरखा सिंह,वैभव चौबे,गौरांग अधिकारी,आकाश समुन्द्रे,यशोदा कश्यप,रंजना पटेल,बीनू बेगम,पदमा चौहान,सुजय राय,योगेश चौहान,रितेश तिवारी,शुभम सिंह राजेश कछवाहा,तीजलाल बरेठ व बड़ी संख्या में अन्य कांग्रेस जनों की उपस्थिति रही ।


