
लक्ष्य न्यूज़ रायगढ़। रायगढ़ नगर निगम में भाजपा सरकार द्वारा घोषित एल्डरमेनों की सूची में एक भी महिला को स्थान नहीं दिए जाने पर जिला कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जिला कांग्रेस प्रवक्ता व मंडल अध्यक्ष रिंकी पाण्डेय ने कहा कि यह भाजपा के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “नारी सशक्तिकरण” और “महिला सम्मान” जैसे नारों की वास्तविकता उजागर करता है।
रिंकी पांडेय ने कहा कि भाजपा मंचों से महिलाओं के सम्मान और नेतृत्व की बड़ी-बड़ी बातें करती है, संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण का श्रेय लेने की कोशिश करती है, लेकिन जब महिलाओं को वास्तविक जिम्मेदारी और प्रतिनिधित्व देने का अवसर आता है तो उन्हें पूरी तरह किनारे कर दिया जाता है। रायगढ़ नगर निगम के एल्डरमेन चयन में एक भी महिला को शामिल न करना भाजपा की महिला विरोधी सोच का स्पष्ट प्रमाण है।
रिंकी पांडेय ने कहा कि नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण स्थानीय निकाय में अनेक योग्य, अनुभवी और समाजसेवा से जुड़ी महिलाओं की उपेक्षा कर भाजपा ने यह संदेश दिया है कि उसके लिए महिलाओं की भागीदारी केवल भाषणों और प्रचार तक सीमित है। यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध होती, तो एल्डरमेन की सूची में महिलाओं को सम्मानजनक 25-33% प्रतिनिधित्व अवश्य मिलता,रायगढ़ नगर निगम के एल्डरमेन पद पर कम से कम एक या दो महिलाओं को स्थान अवश्य देती। जिले में समाज सेवा,शिक्षा,स्वास्थ्य,राजनीति,और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली अनेक महिलाएँ मौजूद हैं,लेकिन भाजपा ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
रिंकी पांडेय ने सवाल उठाया कि जब भाजपा हर मंच से महिलाओं के सम्मान का दावा करती है, तब रायगढ़ नगर निगम में एक भी महिला एल्डरमेन क्यों नहीं बनाई गई? क्या भाजपा के पास योग्य महिला कार्यकर्ताओं और समाज सेविकाओं का अभाव था, या फिर उसके लिए महिला सम्मान केवल चुनावी नारा भर है?
रिंकी पांडेय ने कहा कि महिलाओं को केवल वोट बैंक समझने की राजनीति अब ज्यादा दिन नहीं चलेगी। समाज सब देख रहा है और महिलाएं भी यह समझ चुकी हैं कि सम्मान केवल नारों से नहीं, बल्कि निर्णयों और प्रतिनिधित्व से मिलता है। भाजपा को बताना चाहिए कि उसके कथनी और करनी में इतना बड़ा अंतर आखिर क्यों है???


