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महतारी वंदन योजना की हितग्राहियों का ई के वाय सी के नाम पर बार बार की जा रही छंटनी –  विष्णु सरकार को खुद के ही सिस्टम पर भरोसा नहीं रिंकी पांडेय 

 

लक्ष्य न्यूज़ रायगढ़ 9 अप्रेल  जिला कांग्रेस कमेटी की प्रभावित रिंकी पांडेय ने महतारी वंदन का लाभ प्राप्त कर रही महिलाओं को शासन द्वारा पात्र व अपात्र बताकर बार बार ई के वाय सी करवाने की प्रक्रिया को लेकर चिंता जाहिर कर प्रदेश भाजपा की विष्णु देव सरकार पर सीधा आरोप लगाकर कहा कि इस प्रकार जब से महतारी वंदन योजना प्रारंभ हुई है तब से ही किसी न किसी वजह से महिला हिग्रहियों का पात्र एवं अपात्र कहकर नाम काटकर छंटनी करने का सिलसिला अनवरत चल रहा है जिससे योजना के असफल होने का सीधा प्रमाण मिल रहा है।

इस प्रकार छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना में बार-बार ई-केवाईसी करवाने और नाम काटे जाने की प्रक्रिया से कई लाभार्थियों को परेशानी हो रही है। सरकार का दावा है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और फर्जी लाभार्थियों को बाहर करने के लिए है, लेकिन कई बार इसमें वास्तविक लाभार्थियों ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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विदित हो कि योजना के प्रारंभ के समय में भी पात्र अपात्र की सूची सार्वजनिक की गई थी जो पूरे बायोमैट्रिक्स प्रणाली के प्रयोग से और बैंक पोस्ट ऑफिस में खातों की पारदर्शिता के साथ जांच कर सूची बनी थी ।

कांग्रेस प्रवक्ता रिंकी पांडेय ने कहा कि भाजपा ने चुनाव लाभ के नाम पर महतारी वंदन योजना के तहत वोट प्राप्त किए थे और चूंकि सरकार को लग रहा है कि

चुनाव निकल गया तो धीरे धीरे महिलाओं के नाम अपात्र कैसे घोषित करें तो यह रास्ता अपनाया का रहा है इस योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दिया है। और भरी गर्मी में महिलाओं को लाइन में लग कर अपना ई के वाय सी करवाना पड़ रहा है

वहीं ज्यादातर महिलाएं मध्यम एवं गरीब वर्ग की है साथ ही दिहाड़ी मजदूरी करने वाली हैं उन्हें अपना दिहाड़ी का काम छोड़ अपना ई के वाय सी करवाने हेतु आर्थिक नुकसान भी सहना पड़ रहा है।

रिंकी पांडेय ने सरकार की इस परेशान करने वाली नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि

बीजेपी सरकार का अपने ही सिस्टम से भरोसा उठ चुका है और वह बार बार परेशान लाभार्थी महिलाओं को के रही है।

सरकार को पारदर्शिता कि इतनी ही जरूरत है तो वह किसी एजेंसी को ई-केवाईसी प्रक्रिया का कार्य सौंपे और घर घर जाकर से वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करे जो न केवल आसान होगा और योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक ही पहुंचेगा। इसके अलावा, ई-केवाईसी से लाभार्थियों के आधार और बायोमेट्रिक विवरण का सत्यापन भी हो जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सकेगा। पर बीजेपी सरकार को अपनी नीति नियति और कार्य पर खुद ही भरोसा नहीं है इसलिए वह योजना को पूरी तरह समाप्त करना चाह रही है इसलिए ही ऐसा प्रतीत हो रहा है कि लोगों को गुमराह कर व महिला हितग्राहियों की छंटनी पर छंटनी करने का सिलसिला जारी रख जल्द ही ये योजना समाप्त कर देगी।