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पुसोर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रिटायर्ड शिक्षक को सीबीआई अधिकारी बनकर 23 लाख की ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय साइबर गिरोह का किया पर्दाफाश

 

बैंगलूरू से दो आरोपी गिरफ्तार, भारत-दुबई से संचालित हो रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क

रिटायर्ड शिक्षक को सीबीआई अधिकारी बनकर डराया — 12 किश्तों में कराई गई रकम ट्रांसफर

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पुसौर पुलिस ने 17 लाख से अधिक राशि कराई होल्ड, आारोपियों के दो मोबाइल जब्त

एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश — “रायगढ़ पुलिस ने प्रभावी और प्रोफेशनल तरीके से इस केस को सोल्व किया गया, साइबर ठगी मामलों में जागरूकता ही से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है

2 अप्रैल, रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में रायगढ़ पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी के एक बड़े मामले का सफल खुलासा करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के दो आरोपियों को बैंगलूरू से गिरफ्तार किया है। थाना पुसौर क्षेत्र में रिटायर्ड शिक्षक से 23 लाख 28 हजार रुपये की ठगी की गई थी, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के बैंक खातों में जमा 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई है और घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड बाद अब पुसौर पुलिस द्वारा ज्युडिसिल रिमांड लिया गया है।

🔹 आरोपियों ने कैसे रिटायर्ड टीचर को ठगा

घटना के अनुसार 11 नंवबर को थाना पुसौर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जतरी में रहने वाले गरुण सिंह पटेल पिता स्व. पदुम लाल पटेल उम्र 72 वर्ष, द्वारा आवेदन देकर साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट दर्ज कराया गया । पीड़ित ने बताया कि वह रिटायर्ड टीचर है दिनांक 10.10.2025 को तीन अलग-अलग मोबाईल नंबरों से अनजान व्यक्ति का कॉल आया जिसने गरूण पटेल को सी.बी.आई. अधिकारी होना बताकर बोला कि मुंबई में आपके नाम से खाता खोला गया है आपके खाते का जांच होगा, सहयोग किजिए और बातों को गोपनीय रखना है नहीं तो गिरफ्तार करके लाऐंगे। आरोपियों ने डरा धमकाकर आपके खाते की राशि की जांच होगी और राशि को सी.बी.आई. अकाउन्ट बताकर गरूण पटेल को को उसके बैंक खातों की रकम उनके बैंक खातों में डालने के लिए कहा गया और यह भरोसा दिलाये कि जांच के बाद प्रमाणित कर रकम वापस कर दिया जायेगा जिनके बातों में आकर भयवश गरूण पटेल ने यूपीआई पेटीएम और आरटीजीएस के माध्यम से 25 से 29 अक्टूर 2025 के बीच 12 किस्तों में कुल 2328770.00 रूपये आरोपियों के विभिन्न खातों में डाल दिया गया । उसके बाद भी आरोपी पीड़ित को व्हाटसअप में मनी लाउनड्रींग केश में फंसाये जाने की धमकी दे रहे थे । तब 30 अक्टूबर को पीड़ित ने अपने बेटे को घटना बताया, जिसने साइबर ठगी होना बताया और फिर पुसौर थाने में आवेदन देकर घटना की रिपोर्ट दर्ज करायी गई ।

 

पुसौर पुलिस की जांच और आरोपियों की घेराबंदी

 

मामले में पुसौर थाने में अज्ञात मोबइल नंबर के धारकों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 304/2025 धारा 318(4) BNS, 66(D) IT ACT के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन पर पुसौर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस द्वारा पीड़ित के सेन्टल बैंक से हुये ट्रांजेक्शन, संदग्धि यूपीआई आइडी, एनईएफटी, आरटीजीएस के डिटेल, आरोपियों के मोबाईल नम्बर एवं खाता नम्बर का केवायसी डिटेल निकाला गया। गहरी जांच पड़ताल के बाद आरोपियों के बैंगलूरू (कर्नाटका) में होने की जानकारी मिली । तद्उपरांत तत्काल टीआई मोहन भारद्वाज के साथ एक विशेष टीम बैंगलूरू रवाना किया गया । पुलिस टीम ने स्स्थानीय पुलिस की मदद लेकर आरोपियों का पता तलाश किया गया जिसमें पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी पुलिस दो आरोपियों- विग्नेश प्रकाश और स्टीफन थॉमस को बैंगलूरू के अलग-अलग स्थानों में धर दबोचा जिनके खातों में पीड़ित रिटायर्ड टीचर के खातों से रूपये ट्रांसफर हुये थे । पुलिस ने दोनों आरोपियों को बैंगलूरू न्यायालय में पेश ट्रांजिट रिमांड लेकर रायगढ़ लाया गया । आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई ।

 

कैसे करता है गैंग ऑपरेट

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी विग्नेश पी, लेबर एजेंट है, दुबई में इसकी मुलाकात फिरोज खान उर्फ डॉम्निक से हुई । आरोपी विग्नेश पी ने बताया कि फिरोज खान उर्फ डॉम्निक पहले बैंगलूरू में रहता था पिछले काफी सालों से दुबई में रह रहा है । फरोज दुबई में वीजा का काम देखता है, भारत व अन्य देशों से दुबई आने वालों के डक्युमेंट लेकर उसका गलत इस्तेमाल करता है । विग्नेश पी, फिरोज के लिए लेबर व्यवस्था कर दुबई भेजता था पर उनका असल काम साइबर फ्रॉड से जुडा है । फिरोज खान अपने अन्य साथियों के साथ पूरे देश में गिरोह डिजिटल अरेस्ट, आधार/सिम लिंकिंग, क्रिप्टो निवेश और फर्जी लोन ऐप्स के जरिए देशभर में ठगी कर रहा था। फिरोज अपने साथी विग्नेश पी और स्टीफन थॉमस जैसे लोगों को अपने गिरोह में शामिल कर ठगी के रूपये प्राप्त करता था जिसके एवज में इन्हें कमीशन मिलता था । प्रारंभिक जांच में पीड़ित गरूण पटेल द्वारा विग्नेश पी के खाते में 4 लाख 20 हजार रूपये भेजने की जानकारी मिली है । आरोपी विग्नेश पी के बैंक खाते में 17 लाख से अधिक रूपये पाया गया जिसे होल्ड कराया गया है, वहीं आरोपी स्टीफन थॉमस ने 6 लाख रूपये ठगी का आना जिसे फिरोज के बताये अनुसार दूसरे खातों में ट्रांजेक्शन करना स्वीकार किया है । आरोपी विग्नेश पी और स्टीफन थॉमस के घटना में प्रयुक्त दो मोबाईल को जप्त कर आरोपियों को धोखाधड़ी के अपराध में गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है ।

🔹गिरफ्तार आरोपी

1. विग्नेश पी. पिता ए. प्रकाश उम्र 29 वर्ष निवासी 4/1 15 कॉस 4 मेन रोड सम्पन्नगिरीनगर बैगलोर साउथ विलसन गार्डन बैंगलोर कर्नाटका वर्तमान पता श्रीनिवासा कॉलोनी 33 सुदामा नगर बैगलूरू कर्नाटका 

2. स्टीफन थॉमस पिता उम्र 54 वर्ष म.नं. 24, 3 कॉस 4 मेन, थाना सुब्रमण्यम नगर, बैंगलूरू कर्नाटका

 

फरार आरोपी – फिरोज खान उर्फ डॉम्निक

 

🔹 केस का पर्दाफाश और आरोपियों की गिरफ्तारी में शामिल टीम-

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी साइबर श्रीमती उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन पर अंर्तराट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड में निरीक्षक मोहन भारद्वाज थाना प्रभारी पुसौर, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेश पटेल (थाना साइबर), आरक्षक धर्नुजय चंद बेहरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही एवं टेक्निकल सपोर्ट में थाना साइबर टीम का विशेष सहयोग रहा ।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का जागरूकता संदेश

 

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि डिजिटल फ्रॉड जैसी कोई कार्यवाही नहीं होती। किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या सरकारी अधिकारी बनकर दी जा रही धमकियों से सावधान रहें, घबरायें नहीं । किसी भी परिस्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस, रायगढ़ पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ बेहतर संसाधन, नयी तकनीकों का उपयोग कर रही है । रायगढ़ पुलिस ने प्रभावी और प्रोफेशनल तरीके से पूरे केस को सोल्व किया है, इस केस से जुड़े सभी पहलुओं पर सूक्ष्मता से जांच की जा रही है ।