ब्रेकिंग

पिता की हत्या करने वाला बेटा गिरफ़्तार, खरसिया पुलिस ने भेजा रिमांड पर, खरसिया के ग्राम बकेली की घटना

 

लक्ष्य न्यूज़ 10 जुलाई  रायगढ़- खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम बकेली में पिता-पुत्र के बीच घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि बेटे ने टांगी से हमला कर अपने ही पिता की हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और आज न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

मामले की जानकारी के अनुसार, कल दिनांक 09 जुलाई 2025 को खरसिया पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम बकेली निवासी एक घायल व्यक्ति को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल लाया गया है, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान संतोष गबेल (65 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू की।

WhatsApp Image 2026-02-06 at 11.45.21
WhatsApp Image 2026-02-06 at 11.45.22
WhatsApp Image 2026-02-06 at 12.06.32
WhatsApp Image 2026-02-06 at 11.45.21 (1)
WhatsApp Image 2026-02-06 at 11.45.22 (1)
WhatsApp Image 2026-02-06 at 11.45.21 (2)

मृतक की पत्नी  माधुरी गबेल (59 वर्ष), जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, ने थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उनका पति संतोष गबेल शराब पीने का आदी था और नशे की हालत में अक्सर घर में विवाद करता था। घटना वाली रात 8 जुलाई को रात करीब सवा आठ बजे उनका बेटा कुश कुमार गबेल उर्फ लोधु गबेल (32 वर्ष) घर में भोजन कर रहा था, तभी संतोष गबेल हाथ में टांगी लेकर आया और बेटे से लड़ाई करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। विवाद बढ़ने पर दोनों घर से बाहर निकल गए, जहां कुश गबेल ने पिता के हाथ से टांगी छीनकर उसी से उसके गले पर दो-तीन बार प्राणघातक वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल संतोष गबेल को गांव वालों की मदद से खरसिया अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

खरसिया पुलिस ने पत्नी की रिपोर्ट पर आरोपी कुश कुमार गबेल के विरुद्ध अपराध क्रमांक 371/2025 धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल से टांगी, खून से सने कपड़े व अन्य अहम साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और आज उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

संपूर्ण जांच व कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े, उप निरीक्षक अमरनाथ शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर धृतांत एवं हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।