
लक्ष्य न्यूज़ 29 जुलाई रायगढ़। ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी रायगढ़ के बाॅयो टेक्नाॅलाॅजी के विद्यार्थियों ने जिंदल फाउंडेषन तमनार द्वारा संचालित जन जीविका केंद्र का भ्रमण किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को केंद्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस तरह एक प्रोडक्ट गांव के किसानों से निकल कर मार्केट तक पहुंच रहा है और किसानों के लिए कैसे लाभदायक साबित हो रहा है। विद्यार्थियों ने न केवल मषरूम उगाने के बारे में जाना बल्कि स्पाॅन बनाने की पूरी प्रक्रिया को भी उन्होंने समझा। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए लाभदायक रहा।
जिंदल पाॅवर तमनार द्वारा क्षेत्र के किसानों को कम लागत में अच्छी आय दिलाने और उनके प्रोडक्ट को मार्केट तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत जिंदल फाउंडेषन द्वारा संचालित जन जीविका केंद्र तमनार में मिलेट आइटम से बेकरी प्रोडक्ट, केक बनाने, पापड़ यूनिट और टेराकोटा के अलावा मषरूम युनिट संचालित किया जा रहा है। इस केंद्र का भ्रमण करने के लिए बुधवार को ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी रायगढ़ के बीएससी आॅनर बायो टेक्नाॅलाॅजी के छात्र- छात्राएं बड़ी संख्या में पहुंचे थे। विद्यार्थियों ने एक- एक यूनिट का भ्रमण कर प्रोडक्षन की गतिविधियों को समझा। विद्यार्थियों को मषरूम प्रोडक्षन के बारे में जानकारी संतोश षर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि केंद्र में आयष्टर और पेडिस्ट्रा मषरूम का उत्पादन किया जाता है। उन्होंने मषरूम उगाने की विधि बताई यह भी बताया कि मषरूम के लिए कौन सा मौसम अनुकूल होता है और कितना तापमान जरूरी होता है। इसके अलावा स्पाॅन बनाने की भी विधि को बताया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि क्षेत्र के किसानों को मषरूम उगाने के लिए जिंदल फाउंडेषन द्वारा सहयोग किया जाता है, साथ ही किसानों के मषरूम को भी खरीदकर उसका बाई प्रोडक्ट भी बनाया जाता है। इसके पाडडर का उपयोग पापड़ आदि बनाने में किया जाता है। यूनिवर्सिटी के प्रो डाॅक्टर षुभांकर षर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों ने मषरूम उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया। यह उनके कोर्स में षामिल है, उनके भविश्य में काम आएगा। माइक्रो बाॅयोलाॅजी में मषरूम कल्टीवेषन विशय षामिल है। इस अवसर पर सीएसआर की मैनेजर षीतल पटेल भी उपस्थित थीं।
एचओडी ने दी समझाइ
एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट एंड ग्रुप हेड सीएसआर ऋशिकेष राय षर्मा से विद्यार्थियों ने भेंट की। श्री षर्मा ने विद्यार्थियों को मषरूम उगाने के लिए फिल्ड में आने वाली दिक्कतों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यह परीक्षण करें कि किस तरह से मषरूम उत्पादन को और अच्छा किया जा सके, जिससे लोगों को अधिक से अधिक लाभ हो। उन्होंने कहा कि इस बारे में और प्रेंक्टिकल वे कर सकते हैं तो करें।



