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पुनरीक्षित हॉफ बिजली बिल योजना में अब 100 यूनिट तक मिलेगी 50 प्रतिशत की रियायत

 

जिले के 86 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ

12 हजार 997 बीपीएल परिवारों को पहले की तरह 30 यूनिट तक मिलती रहेगी मुफ्त बिजली

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लक्ष्य न्यूज़ 6 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हॉफ बिजली बिल योजना में संशोधन किया है। इस पुनरीक्षित योजना के तहत अब घरेलू उपभोक्ताओं को हर माह 100 यूनिट तक की बिजली खपत पर 50 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी।

पूर्व में लागू योजना के अनुसार उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की खपत पर राहत मिलती थी। अब सरकार ने उपभोक्ताओं की वास्तविक जरूरतों और राजस्व संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस सीमा को युक्तियुक्त बनाया है। संशोधित योजना का लाभ जिले के लगभग 86 हजार 406 उपभोक्ताओं को पूर्ववत मिलता रहेगा। इस योजना से बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को विशेष राहत मिल रही है। जिले के 12 हजार 997 बीपीएल परिवारों को पहले की तरह 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। इसके साथ ही ये परिवार हॉफ बिजली बिल योजना के तहत मिलने वाले अन्य सभी लाभों से भी पूर्ववत लाभान्वित होते रहेंगे। इसके अतिरिक्त ये परिवार हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य सभी लाभों के लिए पात्र बने रहेंगे। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य बिजली की बचत को प्रोत्साहित करना, सरकारी राजस्व पर संतुलन बनाए रखना और वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचाना है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को भी तेजी से लागू कर रही है, जिसके अंतर्गत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र और राज्य सरकारों से अधिकतम रुपए 1,08,000/- तक की सब्सिडी दी जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली, स्थायी बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करेगी। साथ ही, पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व निभाने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम साबित होगा। इससे छत्तीसगढ़ के उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली बिल योजना की ओर स्वाभाविक रूप से अग्रसर होंगे। उपभोक्ता किसी भी योजना पर निर्भर न रहते हुए स्वयं अपनी छत पर ऊर्जा उत्पादन कर ‘उर्जादाता’ बनेंगे। यह रणनीतिक पहल राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिक बचत और ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ाएगी।