ब्रेकिंग

गारे सेक्टर-1 कोयला ब्लॉक के प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास-पुनर्प्रतिस्थापन पैकेज जारी, कानून के अनुरूप व्यापक प्रावधान

 

लक्ष्य न्यूज़ तमनार, रायगढ़— गारे सेक्टर-1 कोयला ब्लॉक की प्रस्तावित जनसुनवाई से पहले प्रभावित परिवारों के लिए भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्प्रतिस्थापन से जुड़े प्रमुख प्रावधानों को सार्वजनिक किया गया है। यह पूरा पैकेज भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्प्रतिस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 तथा छत्तीसगढ़ राज्य आदर्श पुनर्वास नीति 2007 (यथासंशोधित) के अनुरूप है।

आवास सहायता

WhatsApp Image 2026-02-06 at 11.45.21
WhatsApp Image 2026-02-06 at 11.45.22
WhatsApp Image 2026-02-06 at 12.06.32
WhatsApp Image 2026-02-06 at 11.45.21 (1)
WhatsApp Image 2026-02-06 at 11.45.22 (1)
WhatsApp Image 2026-02-06 at 11.45.21 (2)

राज्य पुनर्वास नीति के अनुसार प्रभावित परिवारों को निम्नानुसार प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे—

 • भूमिहीन परिवार: 300 वर्गमीटर का प्लॉट

 • लघु/सीमांत किसान: 450 वर्गमीटर का प्लॉट

 • अन्य किसान परिवार: 600 वर्गमीटर का प्लॉट

साथ ही, प्रत्येक प्रभावित परिवार को मकान निर्माण हेतु ₹1,50,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

रोजगार या वैकल्पिक मुआवज़ा (LARR Act, 2013)

तीसरी अनुसूची के अनुसार प्रभावित परिवारों को निम्न विकल्प मिलेंगे—

 • उपलब्धता के अनुसार परिवार के एक सदस्य को रोजगार

या ₹5,00,000 एकमुश्त भुगतान

या ₹3,100 प्रति माह की पेंशन 20 वर्षों के लिए

जीविकोपार्जन सहायता

 • ₹36,000 एकमुश्त – पुनर्वास अवधि के दौरान आजीविका सहायता

 • ₹25,000 – पशुबाड़ा या छोटी दुकान शुरू करने हेतु

 • ₹25,000 – कारीगरों, व्यवसायियों और छोटे उद्यमियों हेतु

परिवहन और पुनर्वास सहायता

 • स्थानांतरण के लिए ₹50,000 एकमुश्त सहायता

 • प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹50,000 पुनर्वास सहायता

प्रस्तावित कुल पैकेज

 • एससी/एसटी परिवारों के लिए: ₹13,50,000 प्रति परिवार

 • अन्य पिछड़ा वर्ग/सामान्य परिवारों के लिए: ₹13,00,000 प्रति परिवार

यह संपूर्ण पैकेज यह सुनिश्चित करता है कि गेरे पेलमा सेक्टर-1 कोयला परियोजना से प्रभावित प्रत्येक परिवार को न्यायपूर्ण, पारदर्शी और समावेशी पुनर्वास मिले तथा पुनर्स्थापन प्रक्रिया पूरी तरह कानून के अनुरूप हो।

परियोजना पक्ष का कहना है कि इन प्रावधानों का उद्देश्य केवल अधिग्रहण करना नहीं बल्कि प्रभावित परिवारों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी भविष्य सुनिश्चित करना है।