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क्राइम मीटिंग में पुलिस अधीक्षक ने लंबित अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और सीसीटीवी अभियान, जनचौपाल कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के दिए निर्देश

 

रायगढ़, 08 जुलाई – आज जिला पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल की अध्यक्षता में पुलिस नियंत्रण कक्ष रायगढ़ में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक महोदय ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने थाना क्षेत्रों में सीसीटीवी जागरूकता अभियान को गति प्रदान करें। इसके अंतर्गत समाजसेवियों, प्रतिष्ठान संचालकों और गणमान्य नागरिकों को प्रेरित किया जाए कि वे अपने भवनों के बाहर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करें, जिनमें से कम से कम एक-दो कैमरे सार्वजनिक मार्गों की दिशा में केंद्रित हों। उन्होंने एडिशनल एसपी एवं सीएसपी को शहर के सक्रिय स्वयंसेवी संगठनों (एनजीओ) से बैठक लेकर उन्हें भी अभियान में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करने को कहा।

बैठक में क्राइम मीटिंग के तहत जिले के विभिन्न थानों में दर्ज लंबित गंभीर अपराधों की गहन समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने एक-एक थाना प्रभारी से लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी ली और उनके त्वरित निराकरण हेतु निर्देश दिए। विशेष रूप से 60 एवं 90 दिवस से अधिक समय से लंबित अपराधों पर प्रगति रिपोर्ट ली गई और इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समयसीमा में हल करने के निर्देश जारी किए गए।

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इसके अतिरिक्त, 6 माह से अधिक समय से लंबित मर्ग, 3 माह से अधिक पुराने दुर्घटना प्रकरणों तथा विभिन्न लंबित शिकायतों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि मामलों के त्वरित निराकरण में लापरवाही के लिए जांच अधिकारी को उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

बैठक में जन जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावशाली बनाने हेतु सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने थाना क्षेत्र में नियमित रूप से जन चौपाल आयोजित करें, विशेषकर ग्रामीण अंचलों में जाकर जनता की समस्याएं सुनें तथा उन्हें कानून, सुरक्षा और साइबर अपराधों से संबंधित जानकारी दें। गांव भ्रमण के दौरान अधिकारी ग्रामीणों के साथ प्रत्यक्ष संवाद कर कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर रोकथाम, एवं नशा उन्मूलन के विषयों पर संवाद करें। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि चौपालों से ग्रामीण जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा और सूचना तंत्र भी मजबूत होगा।

गुम इंसानों की खोज हेतु चलाए गए विशेष अभियान में 150 से अधिक गम इंसानों की खोज और अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध की कार्रवाई की सराहना की गई। पुलिस अधीक्षक महोदय ने इसी तरह इस माह “मुस्कान अभियान” के अंतर्गत लापता नाबालिग बच्चों की शीघ्र खोज के लिए हर स्तर पर गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी राजपत्रित अधिकारियों को नियमित आकस्मिक निरीक्षण कर थाना स्तर की तैयारियों की समीक्षा करने तथा अधीनस्थों के उत्कृष्ट कार्यों को पहचानते हुए प्रशंसा प्रतिवेदन प्रेषित करने हेतु भी निर्देशित किया।

बैठक में एडिशनल एसपी श्री आकाश मरकाम, सीएसपी श्री अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी श्री प्रभात पटेल, श्री सिद्धांत तिवारी, ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी सहित सभी थाना, चौकी एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।

पुलिस अधीक्षक द्वारा बैठक के अंत में यह भी कहा गया कि आगामी समय में त्योहारों एवं सामाजिक आयोजनों को दृष्टिगत रखते हुए सभी थाना प्रभारियों को सामुदायिक पुलिसिंग के तहत स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिक समितियों एवं सामाजिक संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए, जिससे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस और जनसामान्य के बीच विश्वास की भावना और सशक्त हो।