
लक्ष्य न्यूज़ रायगढ़ लैलूंगा। सुदूर वनांचल एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के ग्राम बरडीह के एक साधारण परिवार के होनहार छात्र मुकेश यादव, पिता श्री देवानंद यादव एवं माता श्रीमती मली यादव ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। उनकी इस उपलब्धि से ग्राम बरडीह सहित पूरे लैलूंगा क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है।

मुकेश यादव ने प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा अपने गांव बरडीह में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लमडांड से हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी की शिक्षा पूरी की। ग्रामीण परिवेश में सीमित संसाधनों के बावजूद मुकेश ने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और दृढ़ संकल्प को अपनी सफलता का आधार बनाया और NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।

पढ़ाई के साथ प्रतिभा और सेवाभाव में भी आगे

मुकेश यादव केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि स्काउट एवं गाइड गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। उनकी उत्कृष्ट प्रतिभा, अनुशासन एवं सेवाभाव को देखते हुए उन्हें राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। शिक्षा के साथ सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रियता उनकी बहुआयामी प्रतिभा को दर्शाती है।
सफलता पर घर पहुंचकर दी बधाई
मुकेश यादव की NEET सफलता की जानकारी मिलने पर भारतीय जनता पार्टी लैलूंगा के अध्यक्ष श्री मनोज सतपथी एवं ग्राम पंचायत बरडीह की सरपंच कुमारी सुशीला राठिया उनके निवास पहुंचे। उन्होंने मुकेश यादव एवं उनके माता-पिता से मुलाकात कर इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर श्री मनोज सतपथी ने कहा कि “मुकेश यादव ने यह साबित किया है कि प्रतिभा को आगे बढ़ने के लिए बड़े शहर या अत्याधुनिक सुविधाएं ही जरूरी नहीं हैं। दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो सुदूर वनांचल से निकलकर भी बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।” उन्होंने कहा कि मुकेश की सफलता लैलूंगा क्षेत्र के उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बरडीह से निकली सफलता की यह कहानी बनी प्रेरणा
मुकेश यादव की सफलता ने न केवल उनके माता-पिता और परिवार का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि ग्राम बरडीह और पूरे लैलूंगा विकासखंड को गौरवान्वित किया है। क्षेत्रवासियों ने मुकेश को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने गांव, माता-पिता और क्षेत्र का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
मुकेश की सफलता का संदेश साफ है—संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और उन्हें पूरा करने का हौसला कभी सीमित नहीं होना चाहिए।


