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उमेश पटेल के लगातार प्रयासों से ओवरब्रिज का रास्ता साफ, वित्त विभाग ने दी हरी झंडी

हो किनजब सदन में जवाब से आगे कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो उमेश पटेल ने सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ तहसील कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया और सरकार पर दबाव बढ़ाया। इसके बावजूद जब समाधान नहीं निकला, तो उन्होंने जनता को सीधे इस संघर्ष से जोड़ा। उनके नेतृत्व में खरसिया के 18 वार्डों के सैकड़ों नागरिकों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा।

 

ज्ञापन में साफ चेतावनी दी गई थी कि यदि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। लंबे समय तक भाजपा सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के चलते वित्त विभाग के जरिये स्वीकृति को रोके रखा। लेकिन लगातार बढ़ते जनदबाव और उमेश पटेल की अडिग जिद ने आखिरकार सरकार को बैकफुट पर आने पर मजबूर कर दिया। अब वित्त विभाग ने औपचारिक स्वीकृति जारी कर दी है। अभी यह महज स्वीकृति है, इसके बाद कार्य प्रारंभ होना बाकी है। जनता को राहत तभी मिलेगी जब निर्माण कार्य धरातल पर तेजी से आगे बढ़ेगा। लेकिन यह संघर्ष यह साबित करता है कि जब जनता और उसका प्रतिनिधि मिलकर डटे रहें, तो सबसे जटिल राजनीतिक अवरोध भी टूट जाते हैं, खासकर तब जब विषय जनहित का हो।

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सपनों को हकीकत बनाने की ओर कदम

 

खरसिया के नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस स्वीकृति को शहीद नंदकुमार पटेल के सपनों को साकार करने की दिशा में ठोस कदम और जनता की सामूहिक जीत बताया है। उनका कहना है कि वर्षों से जिस संघर्ष का विधायक उमेश पटेल ने दृढ़ता और निरंतरता के साथ नेतृत्व किया, वही अब सफलता में बदलकर साकार होने जा रहा है।

 

बहरहाल यह ओवरब्रिज न केवल शहर को ट्रैफिक जाम और बार-बार बंद होने वाले रेलवे फाटक की समस्या से राहत देगा, बल्कि खरसिया के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। जनता का मानना है कि यह परियोजना उमेश पटेल की जिद, समर्पण और अथक परिश्रम का परिणाम है, जो आने वाले समय में खरसिया के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेगी।