
लक्ष्य न्यूज़ रायगढ़ :- विधान सभा लोकसभा के बाद नगर निगम में ओपी चौधरी से कांग्रेस की मिली लगातार करारी हार के बाद जिलाध्यक्ष द्वारा अनुभव हीन बताया जाना कांग्रेस की नग्न मानसिकता का परिचायक है। भाजयुमो अध्यक्ष सुमीत शर्मा ने शाखा यादव के बयान पर पटल वार करते हुए कहा कांग्रेस की सत्ता के दौरान जिले से एक मंत्री और तीन विधायक कांग्रेस पार्टी से थे इसके अलावा शहर सरकार पर कांग्रेस महापौर काटजू काबिज थी।कांग्रेस की पांच सालो की सत्ता के दौरान मंत्री विधायकों की पूरी फौज थी। रायगढ़ जिले को कांग्रेस के मंत्री विधायक के अनुभव का लाभ मिला हो तो पहले जिला कांग्रेस अध्यक्ष को अपने पांच वर्षों का हिसाब देना चाहिए।जानकी काटजू की शहर सरकार के दौरान एक मात्र संजय कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार हेतु मिले 12 करोड़ रूपये का इस्तेमाल तक नहीं कर पाई यह राशि लैब्स हो गई। स्वीकृत टेंडर का कार्य नहीं करा पाने वाली शहर सरकार के पार्षद आज जिला ध्यक्ष बनने के बाद स्थानीय विधायक ओपी चौधरी की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा कर ओछी बयान बाजी कर रहे हैं। सुमीत शर्मा ने शाखा यादव को स्मरण कराते हुए कहा महापौर जानकी काटजू ने मुख मंत्री को पत्र लिखा था कि पार्टी के लोग उन्हें काम नहीं करने दे रहे है। विधान सभा में मिली हार से सबक नहीं लेने वाली कांग्रेस को लोकसभा में भी हार का सामना करना पड़ा और निगम चुनाव के दौरान कांग्रेस का तंबू पूरी तरह से उखड़ गया। छत्तीसगढ़ को भ्रष्टाचार के पंजे से मुक्त कराने वाले विधायक ओपी चौधरी के कुशल वित्तीय प्रबंधन की वजह से प्रदेश की सत्तर लाख महतारियो को हर माह एक हजार की राशि उनके खाते में हस्तांतरित की जा रही है। साय सरकार में प्रदेश के किसानों को धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य मिल रहा है होली के पूर्व किसानों को बोनस की राशि एक साथ दी जाएगी।

भाजयुमो नेता सुमीत शर्मा ने याद दिलाया कि निगम में सर्वाधिक कांग्रेस के पार्षद होने के बाद भी कांग्रेस के लोगो ने अपनी ही पार्टी की महापौर जानकी कटाजू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। कांग्रेस के पांच सालो के कार्यकाल में रायगढ़ विधान सभा और नगर निगम विकास से अछूता रहा और ओपी चौधरी के विधायक बनते ही रायगढ़ विकास को लगा ग्रहण खत्म हुआ । विधायक बनने के दो सालों में ही नालंदा परिसर, सड़को का डामरीकरण,पहाड़ मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना,शहर के अंदर ऑक्सिजोन का निर्माण, बाई पास सड़को का निर्माण, केलो नदी पर खर्राघाट पुलिया का निर्माण सहित ढेरों विकास कार्यों की शुरुवात एक अनुभवी जनप्रतिनिधि ही करा सकता है। सुमीत शर्मा ने कहा पूर्व भूपेश सरकार के दौरान विधायकों के साथ मंत्री भी अनुभवी नहीं थे चाहे तो वे इस विषय पर सार्वजनिक बहस कर सकते है।ताकि आम जनता के सामने दूध का दूध पानी का पानी हो सके। कांग्रेस मंत्री विधायकों के अनुभवहीनता का खामियाजा रायगढ़ जिले की जनता भोग रही है।





