
लक्ष्य न्यूज़ रायगढ़ 19मार्च जिला कांग्रेस प्रवक्ता रिंकी पांडेय ने विज्ञप्ति जारी कर शासन का ध्यान इस और आकृष्ट किया है कि किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय रायगढ़ में प्रसूति विभाग बंद कर उसे शहर से दूर मेडिकल कॉलेज के पास शिफ्ट कर दिए जाने से जिले के सुदूर अंचलों से आने वाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी जिला अस्पताल में डिलेवरी की सुविधा न होने की वजह से मजबूरन महिलाओं को जचकी हेतु निजी चिकित्सालयों का रुख करना पड़ रहा है, वहीं देर रात प्रसूति के लिए आने वाली महिलाओं को जिला चिकित्सालय में गायनिक वार्ड और ऑपरेशन की सुविधा न होने की वजह से भी जचकी के लिए भटकना पड़ता है और निजी चिकित्सालयों में जाना पड़ता है जिससे उनकी जेब का बोझ बढ़ रहा है ¹।

रिंकी पांडेय ने बताया कि विदित हो कि जिला अस्पताल का भवन लगभग 80 साल पुराना है और जर्जर हो चुका है। लोक निर्माण विभाग ने इसे डेड घोषित कर नये भवन के लिए प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन बजट में राशि आने के बावजूद भी जचकी वार्ड व डिलेवरी ओटी की आपातकालीन सुविधा हेतु की भी वैकल्पिक व्यवस्था यहां नहीं की गई है इसके अलावा, अस्पताल में कई पद रिक्त हैं, जिन पर नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं।

किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय रायगढ़ में पीडियाट्रिशियन, गायनिक, न्यूरो, आर्थोपेडिक सर्जन जैसे कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं। नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन के पद भी खाली हैं।
इस स्थिति को देखते हुए, जिला कांग्रेस प्रवक्ता रिंकी पांडेय ने प्रभावित महिला मरीजों की सुख सुविधाओं को ध्यान रखते हुए राज्य शासन से मांग की है कि किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय रायगढ़ में प्रसूति विभाग को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की आवश्यकता है। इससे लोगों को सरकारी अस्पताल में डिलेवरी सुविधा मिल सकेगी और उनका जेब का बोझ कम होगा।




